{"product_id":"roedad-jalsa-dua-hindi-translation","title":"रूएदाद जलसा दुआ (Roedad Jalsa Dua, Hindi)","description":"\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजो 2 फ़रवरी 1900 ई को ईदुल फ़ित्र के दिन हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम की तहरीक पर बर्तानवी सरकार की सफ़लता की दुआ के लिए एक सार्वजनिक जलसा आयोजित हुआ। जिसमें क़ादियान और निकट देहात के अतिरिक्त अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, मद्रास, कश्मीर और हिन्दुस्तान के विभिन्न जिलों के लोग एक हज़ार की संख्या में उपस्थित हुए। क़ादियान के पश्चिम में पुरानी ईदगाह में ईद की नमाज़ अदा की गई। हज़रत मौलवी नूरुद्दीन रज़ी अल्लाह तआला अन्हु ने ईद ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ पढ़ाई और नमाज़ के बाद हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने अत्युत्तम एवं प्रभावी ख़ुत्बा पढ़ा। जिसमें सूरह 'अन्नास' की बारीक और रहस्यों और अध्यात्म ज्ञानों से भरपूर तफ़सीर वर्णन करते हुए मजाज़ी शासकों के अधिकारों का वर्णन किया तथा बर्तानवी सरकार के उपकारों के कारण उनकी वफ़ादारी के लिए नसीहत की और ईद के ख़ुत्बे के बाद ट्रान्सवाल के युद्ध में अंग्रेजों की विजय के लिए दुआ की तहरी करके सब ने जोश और निष्कपटता पूर्वक दुआ की और इसी के अनुसार इस आयोजन को \"जलसा दुआ\" का नाम दिया गया और बर्तानवी सेना के घायलों के लिए चंदा भेजने की भी ज़ोरदार तहरी की और जब पांच सौ रुपया चंदा एकत्र हो गया तो वह सरकार के संबंधित विभाग को भेज दिया गया। अन्त में हम अल्लाह तआला से जिस ने इस युग की हिदायत के लिए कृपा और दया की दृष्टि करते हुए हज़रत मसीह  \u003c\/span\u003eमौऊद अलैहिस्सलाम को अवतरित किया, अत्यंत विनय एवं विनम्रता और गिड़गिड़ाते हुए दुआ करते हैं कि वह उन रूहानी ख़ज़ानों के पाठकों को प्रत्येक प्रकार के आध्यात्मिक और भौतिक इनाम प्रदान करें और अपनी विशेष कृपा एवं दया का वारिस बनाए तथा ये रूहानी ख़ज़ायन उनके लिए और उनकी भावी नस्लों के लिए अनश्वर खैर और बरकत का कारण हो। आमीन\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong class=\"Yjhzub\" jsaction=\"\" jscontroller=\"zYmgkd\" data-sfc-root=\"c\" jsuid=\"kdJpIf_16\" data-sfc-cb=\"\" data-complete=\"true\" data-processed=\"true\"\u003eखाकसार\u003c\/strong\u003e\u003cbr jsaction=\"\" jscontroller=\"Gy8rfb\" data-sfc-root=\"c\" jsuid=\"kdJpIf_17\" data-sfc-pl=\"|[]\" data-sfc-cb=\"\" data-complete=\"true\" data-processed=\"true\"\u003e\u003cstrong class=\"Yjhzub\" jsaction=\"\" jscontroller=\"zYmgkd\" data-sfc-root=\"c\" jsuid=\"kdJpIf_18\" data-sfc-cb=\"\" data-complete=\"true\" data-processed=\"true\"\u003eजलालुद्दीन शम्स\u003c\/strong\u003e\u003cbr jsaction=\"\" jscontroller=\"Gy8rfb\" data-sfc-root=\"c\" jsuid=\"kdJpIf_19\" data-sfc-pl=\"|[]\" data-sfc-cb=\"\" data-complete=\"true\" data-processed=\"true\"\u003e2 नवम्बर 1964 ई\u003c\/p\u003e","brand":"AMI Bookstore","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":54070608953619,"sku":"0898","price":3.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0718\/1906\/7667\/files\/Roedad_Jalsa_Dua_Hindi.jpg?v=1781151139","url":"https:\/\/amibookstore.us\/products\/roedad-jalsa-dua-hindi-translation","provider":"AMI Bookstore","version":"1.0","type":"link"}